Nivesh Sahayak ChallanFree delivery challan maker

फ्री डिलीवरी चालान मेकर

एक मिनट में ठीक-ठाक डिलीवरी चालान के साथे माल भेजीं: का जात बा, काहे, कवना गाड़ी में, आ खरीदार, ट्रांसपोर्टर आ राउर फ़ाइल खातिर तीन कॉपी। माल बिका जाव त एक क्लिक में चालान के टैक्स इनवॉइस बना दीं। ना लॉगिन, ना केहू के कुछ भेजाला।

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इहाँ डिलीवरी चालान कइसे बनाईं

  1. आपन बिजनेस के डिटेल एक बेर लिखीं। नाम, पता, राज्य आ GSTIN। सेव कइल बिजनेस लिखते सुझाव में आवेलें।
  2. कंसाइनी जोड़ीं आ मकसद चुनीं। कंसाइनी ऊ ह जेकरा माल मिली: ग्राहक, जॉब वर्कर भा राउर आपन ब्रांच। मकसद चुनीं: जॉब वर्क, अप्रूवल पर सप्लाई, बिक्री (इनवॉइस बाद में), ब्रांच भा स्टॉक ट्रांसफर, भा दोसर।
  3. माल के लिस्ट बनाईं। विवरण, HSN कोड, मात्रा आ यूनिट। सेव कइल आइटम सुझाव में आवेलें। रेट ज़रूरी ना; टैक्स के साथे रकम प्रिंट करे के होखे त GST वाला बॉक्स पर टिक करीं।
  4. ट्रांसपोर्ट के डिटेल भरीं। गाड़ी नंबर, ट्रांसपोर्टर के नाम आ LR भा डॉकेट नंबर, ताकि माल के साथे जाए वाला कॉपी ई-वे बिल से मिले।
  5. सेव करीं, फेर प्रिंट / PDF भा शेयर करीं। चुनीं केतना कॉपी प्रिंट करीं (1 से 3): ओरिजिनल (कंसाइनी खातिर), डुप्लीकेट (ट्रांसपोर्टर खातिर), ट्रिप्लीकेट (कंसाइनर खातिर), हर एक अलग पेज पर। शेयर करीं से PDF राउर फोन के WhatsApp भा कवनो ऐप से जाला।
  6. माल बिकाइल कि वापस आइल? जॉब वर्क भा अप्रूवल वाला माल वापस आवे त स्टेटस "माल वापस आइल" करीं। अगर खरीदार माल रख ले त इनवॉइस बनाईं दबाईं: इनवॉइस मेकर ओही ग्राहक आ आइटम के साथे खुली।

ई रउआ खातिर का करेला

राउर डेटा रउए लगे रहेला

रउआ जवन कुछ लिखीं, ऊ एही डिवाइस के एही ब्राउज़र में रहेला। ना कवनो अकाउंट, ना हमनी के लगे कुछ अपलोड होला। राउर बिजनेस, ग्राहक, सप्लायर आ आइटम my.niveshsahayak.in के जरिए Nivesh Sahayak के दोसर डॉक्यूमेंट टूल के साथे बँटाला, एह से इनवॉइस भा कोटेशन बनावत घरी जवन डिटेल सेव कइले रहीं, ऊ इहाँ पहिले से सुझाव में मिली।

बैकअप राखीं। अगर ब्राउज़र के डेटा साफ हो गइल त ओह में सेव काम चल जाई। बीच-बीच में हमार डेटा (पेज के ऊपर) खोलीं आ बैकअप फ़ाइल सेव करीं दबाईं। एगो फ़ाइल में सब डॉक्यूमेंट, ग्राहक आ आइटम रहेला, आ ऊ कवनो दोसर कंप्यूटर भा फोन पर वापस आ जाला।

गाइड

लोग का पूछेला

का ई डिलीवरी चालान मेकर फ्री बा?

हँ। डिलीवरी चालान बनावल, सेव कइल, प्रिंट कइल आ शेयर कइल सब फ्री बा, बिना लॉगिन आ बिना कवनो लिमिट के। पेज के नीचे एगो छोट लाइन लिखल रहेला कि ई कहाँ बनल।

इनवॉइस के जगह डिलीवरी चालान कब इस्तेमाल करीं?

जब माल ओह घरी बिना बिक्री के चलत होखे: जॉब वर्क, अप्रूवल पर माल, एके GSTIN में आपन गोदाम में भेजल स्टॉक, रिपेयर भा प्रदर्शनी खातिर माल, भा जब मात्रा डिलीवरी के बाद ही पता चले। आम बिक्री में टैक्स इनवॉइस माल के साथे जाए के चाहीं।

डिलीवरी चालान के केतना कॉपी चाहीं?

तीन: ओरिजिनल (कंसाइनी खातिर), डुप्लीकेट (ट्रांसपोर्टर खातिर) आ ट्रिप्लीकेट (कंसाइनर खातिर)। केतना कॉपी प्रिंट करीं में 1 से 3 चुनीं; हर कॉपी आपन निशान के साथे अलग पेज पर प्रिंट होला।

का डिलीवरी चालान पर GST देखावे के चाहीं?

नियम में टैक्सेबल वैल्यू माँगल बा, आ जब माल कंसाइनी के सप्लाई खातिर जात होखे त टैक्स रेट आ टैक्स के रकम भी। जॉब वर्क आ स्टॉक ट्रांसफर में आमतौर पर खाली वैल्यू देखावल जाला। इहाँ GST पहिले से बंद रहेला; टैक्स प्रिंट करे के होखे त टिक करीं।

का चालान वाला माल पर ई-वे बिल चाहीं?

हँ, अगर खेप ₹50,000 से ज़्यादा के होखे (कुछ राज्य राज्य के भीतर ज़्यादा लिमिट रखेलें)। दोसर राज्य में जॉब वर्क खातिर रकम चाहे जेतना होखे, ई-वे बिल चाहीं। देखीं चालान आ ई-वे बिल।

जॉब वर्कर के लगे माल केतना दिन रह सकेला?

इनपुट 1 साल में आ कैपिटल गुड्स 3 साल में वापस आवे के चाहीं। मोल्ड, डाई, जिग, फ़िक्सचर आ टूल पर कवनो समय सीमा नइखे। देखीं जॉब वर्क खातिर चालान।

चालान के टैक्स इनवॉइस कइसे बनाईं?

पहिले सेव करीं, फेर इनवॉइस बनाईं दबाईं। इनवॉइस मेकर ओही ग्राहक आ आइटम के साथे खुल जाई। रेट खाली रहे त भरीं, इनवॉइस नंबर आ तारीख चुनीं, जाँच लीं आ सेव करीं। चालान पर इनवॉइस बन गइल लिखा जाला।

का चालान थर्मल प्रिंटर पर प्रिंट हो सकेला?

हँ। मेकर में थर्मल रोल पेपर चुनीं; A4 आ A5 भी बा।

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